पिछले कुछ दिनों में मोमो ने लगभग हर वर्ग के लोगों को नया स्वाद बनकर उभरा है। आज भारत के लगभग हर कौने में मोमोज खाए और बनाए जाते हैं। छोटी सी दुकान से लेकर बड़े-ब़ड़े रेस्टोरंट में लोग तीखी चटनी के साथ बड़े चाव के साथ मोमोज खाते हैं। लेकिन क्या आपको बता है भारत में मोमो कब और कहां से आया। आखिरी वो कौन सा मार्ग था जो मोमो को भारत के उत्तर से लेकर दक्षिण तक अपना बना गया।

दरअसल लजीज और बेहद जायकेदार और चटपटे मोमो करीब 3000 किमी का सफर तय कर भारत पहुंचा है। और आज हमारे देश में मोमोज की छोटी-छोटी दुकान पर लंबी लाइन के साथ भारी भरकम भीड़ देखी जा सकती है।

शाम होते-होते लोग मोमोज खाने के लिए मोमोज की रेहड़ियों का रुख कर लेते हैं और शाम के साथ बढ़ते रात के अंधरे के बीच तीखी लाल चटनी के साथ गरम-गरम मोमोज का स्वाद हर किसी की चीभ का स्वाद बढ़ाता है।

कहां से आया मोमोज ?

बता दें कि पहाड़ों के बीच बसे तिब्बत में मोमोज का जन्म हुआ। यहां मोमोज को सबसे पसंदीदा की डिश माना जाता है। जानकारी के मुताबिक मोमोज चीन के मालपुए से आया है और वहां से नेपाल की वादियों से गुजरते हुए मोमोज ने भारत का रास्ता पूरा किया है।

जानकारी के मुताबिक भारत में सबसे पहले उत्तर पूर्व के शहरों में मोमोज खाया जाने लगा। इसके बाद पहाड़ी राज्यों से होते हुए मोमोज ने राजधानी दिल्ली को अपने कब्जे में ले लिया और आज मोमोज सबका फेवरेट है।